काजल नदी पर पुल निर्माण अनुशंसा को लेकर सियासी घमासान
अनुशंसा को लेकर विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के दावे
नगरी / विधानसभा सिहावा के नगरी-जबर्रा मार्ग पर काजल (कलस )नदी पर बहुप्रतीक्षित पूल निर्माण को लेकर अब सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. स्वीकृति को लेकर विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के अपने-अपने दावे हैं.
एक सप्ताह पूर्व लोकनिर्माण विभाग (सेतु निर्माण संभाग) ने इस पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ से अधिक की लागत स्वीकृत की जानकारी सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई.

अब सिहावा विधायक अंबिका मरकाम के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर.

यह कहा जा रहा है की “विधायक के अनुशंसा पर हो रहे कार्यों की जिला पंचायत अध्यक्ष वाहवाही लूटना बंद करें”
दोनों जनप्रतिनिधियों में विकास कार्यों की श्रेय लेने की होड़ मच गई है.
बता दे की काजल नदी में यह पुल बनाने लंबे समय से नगरी और जबर्रा के ग्रामीण मांग करते आ रहे हैं, क्योंकि वर्षा ऋतु में काजल नदी पर बाढ़ आने से ग्राम जबर्रा नगरी मुख्यालय से कट जाता है. इसलिए यह पुल निर्माण लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अहम मुद्दा रहता है.
अब जब काजल नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण की प्रशासकीय निर्माण हेतु 6 करोड़ की राशि की स्वीकृति के बाद, निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है, जिसको लेकर ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है, तो वहीं अनुशंसा को लेकर विधायक अंबिका मरकाम और जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा अपने-अपने दावे कर रहे हैं.
फिलहाल क्षेत्र के ग्रामीणों में पुल निर्माण की स्वीकृति को लेकर बेहद खुशी है, लोगों को उम्मीद है की पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा, जिससे न सिर्फ आवागमन सुलभ होगा, बल्कि विकास की नई राहें भी खुलेगी.
अब देखना यह है कि सियासी क्रेडिट वार का असर आने वाले चुनाव में किस नेता को लाभ पहुंचता है
Live Cricket Info