सिंचाई विभाग की लापरवाही,किसान का 6-7टन कद्दू की फसल हुई खराब
किसान ने की मुआवजे की मांग
नगरी /राजशेखर नायर / सिंचाई विभाग की लापरवाही से निस्तार के लिए छोड़ा गया पानी सब्जियों के खेत में घुसने से एक किसान का लगभग 6 से 7 टन कद्दू या कुमड़ा की फसल खेत में सड़ गया. किसन को लगभग 60 से ₹70 हजार का नुकसान उठाना पड़ रहा है. परेशान किसान ने शासन से मुआवजे की मांग की है.

मामला ग्राम पंचायत गोरेगांव के किसान लेखराज साहू का है, उन्होंने बताया की 90 दिन में तैयार होने वाली कुम्हड़ा जिसे कद्दू या काशीफल भी कहते हैं की फसल लगभग चार एकड़ खेत में, लगभग 5 लाख की लागत से ड्रिप सिस्टम से लगाया था, फसल पूरी तरह तैयार हो चुका था, मंडी वालों से सौदा भी हो चूका, कद्दू को तुड़वाकर किसान द्वारा खेत में एक स्थान पर इकट्ठा भी किया गया, इसी दौरान सिंचाई विभाग द्वारा तालाबों में पानी भरने निस्तार के लिए छोड़ गया पानी विभाग की लापरवाही से लेखराज साहू के खेत में भर गया, जिसकी वजह से खेत में इकट्ठा किया हुआ कद्दू पानी में तैरने लगा, शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने टूटी हुई नहर नाली मरम्मत नहीं की जिसकी वजह से 6 से 7 टन के लगभग कद्दू सड़ गए.

किसान लेखराज साहू के अनुसार प्रति किलो ₹10 के हिसाब से उन्होंने एक व्यापारी से कद्दू का सौदा किया था, पर निस्तार के लिए छोड़े गए पानी की वजह से 6 से 7 तन कद्दू सड़ गए जिसकी वजह से उन्हें लगभग 60 से ₹70 हजार का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग को जानकारी दी गई थी.
उनके कर्मचारी खेत देखने आए भी पर किसी तरह का मरम्मत कार्य किये बगैर जेसीबी को यह कहकर वापस ले गए की बिजली की तार होने की वजह से जेसीबी आगे नहीं जा सकती. विभागीय कर्मचारियों की जिम्मेदारी थी की मजदूर लगाकर क्षतिग्रस्त नहरनाली की मरमत करवाते. विभाग के लापरवाही की वजह से जो नुकसान हुआ है उसकी मुआवजा दी जाए.
एसडीओ सिंचाई विभाग प्रवीण बोदलेकर- विभाग द्वारा नाहर नाली की मरम्मत की गई थी पर रात्रि में कुछ लोग नाली को क्षतिग्रस्त कर पानी खेतों तक पहुंचने के कार्य में लगे हुए हैं जिसकी वजह से सब्जी के खेतों में पानी भर रहा है.
पानी सिर्फ तालाबों में निस्तारिक के लिए छोड़ गया है ग्राम के सरपंच को इस बात की सूचना दी गई है की पानी सिर्फ तालाबों में भर जाए ना कि खेतों में सिंचाई हेतु
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