नगरी से यूरिया उड़ीसा बस्तर जा रहा
266 का यूरिया बेचा जा रहा 500 में

नगरी /राजशेखर नायर /
स्थानीय किसानों को यूरिया खाद के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कृषि केंद्रों के संचालक बिना दस्तावेजों के थोक में खाद ओडिशा और बस्तर के तस्करों को बेच रहे हैं। सरकारी नियम और पॉश मशीनें केवल मजबूर किसानों के लिए कागजी साबित हो रही हैं, जिससे कालाबाजारी तेजी से बढ़ रही है
266 का यूरिया बेचा जा रहा 500 में
कागजों में 266 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया को तस्करों को 500-500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खुलेआम बेचा जा रहा है।
बेलर से घुरावड़ मार्ग इन दिनों तस्करों और अवैध परिवहन का सबसे सुरक्षित गलियारा बन चुका है, जहां से रोजाना भारी वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
*नियमों का ढोंग और माफिया की मौज*
कृषि विभाग के तमाम दावों के विपरीत धमतरी के नगरी ब्लॉक में सरकारी नियंत्रण पूरी तरह कागजी साबित हो रहा है। किसानों को खाद खरीदने के लिए बी-वन, ऋण पुस्तिका और तमाम दस्तावेजों के साथ पॉश मशीन में अंगूठा लगाने की शर्त पर उलझाया जाता है। इसके विपरीत, नियम को ताक पर रखकर कृषि केंद्र संचालक माफिया को बिना किसी कागजात के 75 से 200 बोरी तक यूरिया थोक में बेच रहे हैं।
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