दूषित पानी बनी 10 क्विंटल मछलियों के मौत का कारण
नगर पंचायत की लापरवाही बनी बड़ी संख्या में मछलियों के मौत का कारण
नगर पंचायत नगरी के वार्ड क्रमांक 8 व 9 से लगे हुए अमतिया तालाब में पिछले दो दिनों में
8 से 10 क्विंटल मछलियों की मौत हो चुकी है, मछलियों के मौत का सिलसिला अब भी जारी है. मरी हुई मछलियों के सड़ने से उठ रहे दुर्गंध की वजह से तलाब के आसपास निवास करने वालों का सांस लेना दुभर हो रहा है और सड़ रही मछलियों की वजह से गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है.

तालाब में वार्ड आठ का सीवेज का पानी,अपशिष्ट पदार्थ और तालाब किनारे स्थित कार वॉश और मोटरसाइकिल सर्विसिंग शोरूम से निकल रहे पैट्रोल, ऑयल मिक्स पानी को तालाब में छोड़े जाने से पानी विषाक्त हो जाती है. रसायनो के मिलने से सूक्ष्मजीव घुली हुई ऑक्सीजन का उपयोग कर लेते हैं जिससे मछलियों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वह दम घुटने से मर जाते हैं दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है.
पार्षद-अलका साव-अमतिया तालाब में पिछले दो दिनों में 8 से 10 क्विंटल मछलियों की हुई मौत की जानकारी सीएमओ को दे दी गई है जल्द ही आवश्यक उपाय किया जाएग
सोनसाय निषाद – वार्ड 8 का सीवर का अपशिष्ट पदार्थ, बाइक और कार वॉश के बाद निकाला पेट्रोल,तेल और फिनायल का दूषित पानी सीधे तालाब के पानी में गिरता है जिसकी वजह से पानी बेहद दूषित हो गई है कई बार नगर पंचायत में शिकायत की गई पर किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई जिसका नतीजा यह हुआ की हजारों की संख्या में मछलियों की मौत हो गई.
मत्स्य इंस्पेक्टर- रामनाथ साहू-ऑक्सीजन की कमी, पानी में सीवेज, अपशिष्ट पदार्थों या रसायनों के मिलने से सूक्ष्मजीव घुली हुई ऑक्सीजन का उपभोग कर लेते हैं, जिससे मछलियों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे दम घुटने से मर जाती हैं।
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